4 important decisions of Haryana Cabinet, these decisions have been approved

हरियाणा कैबिनेट के 4 अहम बड़े फैसले, इन फैसलो पर लगी मुहर

Cabinet Haryana

4 important decisions of Haryana Cabinet, these decisions have been approved

मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार की देर शाम तक चली हरियाणा कैबिनेट मीटिंग में हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की तारीख पर मुहर लग गई है। मीटिंग के बाद सीएम नायब सैनी की ओर से जानकारी दी गई कि बजट सत्र 20 फरवरी को सुबह 11:00 शुरू होगा।

बतौर वित्त मंत्री CM नायब सिंह सैनी वर्ष 2026-27 का अपना दूसरा बजट पेश करेंगे। पिछला बजट दो लाख पांच करोड़ रुपए के आसपास का था, जो कि इस बार करीब सवा दो लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। इस वर्ष होली 4 मार्च को है। ऐसे सरकार की कोशिश है कि उत्सव से पहले पूरा बजट पारित कर दिया जाए। पिछले वर्ष बजट सत्र 7 मार्च से 28 मार्च तक चला था, लेकिन इस बार समय सीमा 20 मार्च तक सीमित की जा सकती है।

इसके अलावा कैबिनेट मीटिंग में आवासीय क्षेत्रों में हेल्थकेयर को बढ़ावा, रिहायशी प्लॉट में नर्सिंग होम के लिए पॉलिसी को मंजूरी दी है। इससे पात्र डॉक्टर कॉलोनियों में भी नर्सिंग होम बना सकेंगे। सबसे खास रहा ग्रुप डी की भर्ती को लिया गया फैसला। अब ग्रुप डी के पदों (जिनमें न्यूनतम योग्यता मैट्रिक या उससे ज्यादा है) पर भर्ती पूरी तरह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के आधार पर होगी। पुरानी CET (12 जनवरी 2024 वाली, जो 11 जनवरी 2027 तक वैध है) में पास उम्मीदवारों के अंकों (95 में से) को प्रतिशत में बदलकर मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी, ताकि पुराने उम्मीदवारों को नुकसान न हो।

बता दें कि चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में यह मीटिंग सोमवार की शाम चार बजे शुरू होनी थी। मगर, फतेहाबाद में धुंध के कारण सीएम नायब सैनी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो पाई, जिसके कारण उन्हें हिसार से सड़क मार्ग से फतेहाबाद पहुंचना पड़ा। करीब दो घंटे देनी यानि छह बजे मीटिंग शुरू हुई, जो देर रात तक चली। ये कैबिनेट मीटिंग इस साल की दूसरी मीटिंग है। इससे पहले सीएम नायब सैनी ने एक जनवरी को कैबिनेट मीटिंग बुलाई थी।

1 जनवरी को हुई कैबिनेट में ये फैसले लिए गए थे…

कैबिनेट मीटिंग के अहम फैसलें और उनके होने वाले फायदें…

रिहायशी प्लॉटेड कॉलोनियों में नर्सिंग होम बना सकेंगे
हरियाणा सरकार ने लाइसेंस वाली रिहायशी प्लॉटेड कॉलोनियों (जैसे सेक्टर वाली सोसाइटीज) में नर्सिंग होम खोलने की अनुमति देने वाली पॉलिसी मंजूर की है। आसान भाषा में समझे तो योग्य डॉक्टर (एलोपैथिक या आयुष, जिनका मेडिकल/आयुष काउंसिल में वैध रजिस्ट्रेशन हो, प्रैक्टिस कर रहे हों और IMA में रजिस्टर्ड हों) अपने रिहायशी प्लॉट पर नर्सिंग होम बना सकते हैं। प्लॉट को कन्वर्जन चार्ज (लाइसेंस फीस) देकर बदलाव की इजाजत मिलेगी। एक सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा 4 नर्सिंग होम ही बन सकते हैं।

हाइपर/हाई जोन में कम से कम 350 वर्ग गज और मीडियम/लो जोन में 250 वर्ग गज में नर्सिंग होम बना सकेंगे। हाइपर जोन में 10,000 ₹ प्रति वर्ग गज, हाई में 8,000 ₹, मीडियम में 6,000 ₹, लो में 4,000 ₹ प्रति वर्ग गज फीस तय की गई है। इसके अलावा कोई EDC या दूसरी फीस नहीं लगेगी।

नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रस्ताव को भी दी मंजूरी

हरियाणा कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके मुताबिक, 1976 के शहरी क्षेत्र विकास नियम और 1965 के नियंत्रित क्षेत्र नियम में कई तरह के शुल्क/चार्ज (फीस) सालों से नहीं बदले गए थे। इनमें जांच शुल्क, रूपांतरण (कन्वर्जन) लाइसेंस फीस, राज्य अवसंरचना विकास शुल्क (SIDC), इंफ्रास्ट्रक्चर संवर्धन शुल्क (IAC), IAC-TOD आदि शामिल है। कैबिनेट ने इन शुल्कों में संशोधन की मंजूरी दी, ताकि आज की महंगाई, विकास लागत और शहरों की जरूरतों के हिसाब से इन्हें उचित और व्यावहारिक बनाया जा सके।

इन बदलावों से सरकार को शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़कें, पानी, सीवर, पार्क आदि) के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा, क्योंकि पुराने रेट्स से पर्याप्त फंड नहीं जुट रहा था। इससे शहरों में बेहतर सड़कें, पानी, बिजली, सीवर जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ेंगी। विकास लागत बढ़ने के बावजूद इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए फंड की कमी नहीं होगी।

16 प्रोत्साहन योजनाओं में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी
हरियाणा कैबिनेट ने HEEP-2020 (Haryana Enterprises and Employment Policy 2020) के तहत 16 प्रमुख प्रोत्साहन योजनाओं में बदलाव को मंजूरी दी है। अब मौजूदा लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को इन योजनाओं का फायदा लेने के लिए CLU-NOC (Change of Land Use / No Objection Certificate) की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले ये सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य था, जो समय और परेशानी का कारण बनता था। अब इसे हटा दिया गया है।

इन 16 योजनाओं में SME एक्सचेंज, नई तकनीक खरीदना, टेस्टिंग उपकरण खरीदना, बाजार विकास सहायता, पेटेंट रजिस्ट्रेशन, ऊर्जा और पानी बचत, गुणवत्ता प्रमाणन, निवेश सब्सिडी, क्रेडिट रेटिंग, सुरक्षा अनुपालन, अनुसंधान और विकास, बिना गारंटी के लोन गारंटी, तकनीक अपग्रेड के लिए ब्याज सब्सिडी, माल ढुलाई सहायता, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल है। यानि कुल मिलाकर मौजूदा MSME अब जल्दी और आसानी से सब्सिडी, ब्याज छूट, गुणवत्ता प्रमाणन आदि का लाभ ले सकेंगे।

ग्रुप डी के पदों पर भर्ती पूरी तरह CET के आधार पर होगी

हरियाणा कैबिनेट ने हरियाणा समूह डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 की दूसरी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्रुप डी के पदों (जिनमें न्यूनतम योग्यता मैट्रिक या उससे ज्यादा है) पर भर्ती पूरी तरह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के आधार पर होगी। CET के अंकों को 100% वेटेज मिलेगा (कोई इंटरव्यू या अन्य टेस्ट नहीं)। CET का पेपर दो भागों में बंटा होगा। 75% सामान्य ज्ञान, रीजनिंग (तर्कशक्ति), मैथ्स (मात्रात्मक क्षमता), अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषय और 25% हरियाणा से जुड़े विषय जैसे इतिहास, समसामयिक मामले (करंट अफेयर्स), साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति विषय होगा।पूरा प्रश्न पत्र मैट्रिक स्तर का ही रहेगा।

पुरानी CET (12 जनवरी 2024 वाली, जो 11 जनवरी 2027 तक वैध है) में पास उम्मीदवारों के अंक 95 में से को प्रतिशत में बदलकर मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी, ताकि पुराने उम्मीदवारों को नुकसान न हो। भविष्य की CET में भी यही तरीका अपनाया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट-बेस्ड बनेगी, क्योंकि सिर्फ CET स्कोर पर चयन होगा। उम्मीदवारों को एक ही CET पास करके कई ग्रुप डी भर्तियों में मौका मिलेगा। पुरानी CET पास वालों को भी नई मेरिट में जगह मिलेगी, कोई दोबारा परीक्षा नहीं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी

हरियाणा कैबिनेट ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कैबिनेट मीटिंग में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत प्रांतीय सरकार की भूमि को पलवल नगर परिषद को पार्किंग स्थल और कार्यालय-सह-व्यावसायिक परिसर के निर्माण के लिए प्रचलित कलेक्टर दरों पर हस्तांतरित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2024-25 के लिए कलेक्टर दर 11,550 रुपए प्रति वर्ग गज थी।

इस प्रकार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 19 जनवरी, 2021 को जारी पॉलिसी के अनुसार, एसडीएम आवास के निकट स्थित 9944 वर्ग गज भूमि 11,48,53,200 रुपए के भुगतान पर पलवल नगर परिषद को हैंडओवर की जाएगी। इससे पलवल शहर में पार्किंग की समस्या कम होगी, खासकर व्यस्त इलाकों में।

नगर परिषद को अपना नया ऑफिस और कमर्शियल स्पेस मिलेगा, जिससे बेहतर प्रशासनिक सेवाएं और अतिरिक्त राजस्व (दुकानें/ऑफिस किराए से) आएगा।